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उज्जैन में चलती बस में लगी भीषण आग, 12 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

उज्जैन। उज्जैन से करीब 15 किलोमीटर दूर रामवास क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उज्जैन से इंदौर जा रही एक बस में अचानक आग लग गई। घटना दोपहर करीब 12:15 बजे की है। बस में करीब 12 यात्री सवार थे। आग लगते ही बस में धुआं उठने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सभी यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल आए। इसके कुछ ही मिनट बाद पूरी बस आग की चपेट में आ गई। हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामवास क्षेत्र में बस का टायर फट गया था। इसके बाद बस अनियंत्रित हुई और इसी दौरान उसमें आग लग गई। घटना की सूचना मिलने के करीब 45 मिनट बाद चार फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी और केवल उसका चेचिस ही बचा था।

बस की पहचान को लेकर कलेक्टर और RTO के बयान अलग

हादसे के बाद जली बस की पहचान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बस पुरानी डीजल इंजन वाली बताई जा रही है। उस पर भगवा रंग का रेडियम लगा था और कांच पर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। सामने आए वीडियो में बस के आगे ‘मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा परिवहन’ लिखा नजर आ रहा है।

हालांकि उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने इसे निजी ऑपरेटर की बस बताया है। वहीं उज्जैन RTO संतोष मालवीय के अनुसार, जलने वाली बस सूत्र सेवा की गाड़ी थी। RTO ने बताया कि यह बस हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम के लिए भोपाल भी गई थी। बस की सही पहचान को लेकर संबंधित विभाग से जानकारी जुटाई जा रही है।

25 सितंबर को हुआ था मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का प्रदेश स्तर पर शुभारंभ 25 सितंबर 2026 को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस दौरान प्रदेश के सात प्रमुख शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई गई थी।

उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के लिए 10 बसें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 सितंबर को महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ कर इन बसों को रवाना किया था।

सेवा शुरू होने के बाद हादसे ने उठाए सवाल

सेवा के शुभारंभ के दो दिन बाद 27 सितंबर को इंदौर के राजबाड़ा क्षेत्र में इससे जुड़ी एक ई-बस अनियंत्रित होकर तीन लोगों पर चढ़ गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि दो लोग घायल हुए थे। अब रामवास क्षेत्र में बस में आग लगने की घटना के बाद परिवहन सेवा में शामिल वाहनों की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।