उज्जैन। शादी की तैयारियों से गूंज रहा एक घर देखते ही देखते मातम में बदल गया। जिस परिवार में 11 जुलाई को शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब चिंता और आंसुओं का माहौल है। शादी की तय तारीख से महज नौ दिन पहले दूल्हा पक्ष द्वारा अचानक रिश्ता तोड़ दिए जाने का आरोप है। इस घटनाक्रम का गहरा मानसिक आघात दुल्हन को लगा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित परिवार अब न्याय की मांग को लेकर प्रशासन और पुलिस के चक्कर लगा रहा है।
शादी की तैयारियां पूरी, अचानक आया इनकार
मामला उज्जैन के जयसिंहपुरा क्षेत्र का है। पीड़िता के नाना मुकेश कसेरा के अनुसार उनकी नातिन प्रिया जैन का विवाह कुलदीप जैन, पिता पुखराज जैन, के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों की सहमति से 11 जुलाई को विवाह की तारीख निर्धारित की गई थी।
परिजनों का कहना है कि शादी की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। धर्मशाला बुक कर ली गई थी, बैंड-बाजा और अन्य व्यवस्थाओं पर बड़ी रकम खर्च की जा चुकी थी। इसी बीच 2 जुलाई को दूल्हा पक्ष ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए शादी करने से इनकार कर दिया।
सदमे में दुल्हन, अस्पताल में चल रहा इलाज
अचानक रिश्ता टूटने की खबर से दुल्हन प्रिया जैन गहरे मानसिक आघात में चली गई। परिजनों के अनुसार वह गंभीर तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) की स्थिति में पहुंच गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
‘बेटी का भविष्य दांव पर लग गया’
पीड़िता के नाना मुकेश कसेरा का कहना है कि इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम समय में रिश्ता तोड़ने से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है।
उनका कहना है कि शादी की तैयारियों में वर्षों की जमा-पूंजी खर्च हो चुकी थी और अब उनकी नातिन का भविष्य भी अनिश्चितता में दिखाई दे रहा है।
एसपी से कलेक्टर तक लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय, कलेक्टर की जनसुनवाई और संबंधित अधिकारियों से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
परिजनों ने महाकाल थाना में भी लिखित शिकायत देकर दूल्हा पक्ष के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उठे कई सवाल
यह मामला केवल एक शादी टूटने का नहीं, बल्कि अंतिम समय में लिए गए फैसले के कारण एक परिवार पर पड़े मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का भी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को समय पर न्याय और उचित कानूनी संरक्षण मिल पा रहा है।

More Stories
जनता के बीच पहुंचे ‘मोहन भैया’: उज्जैन की गलियों में किया सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जमीनी निरीक्षण
उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का शंखनाद: ₹5,017 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की तस्वीर!
महाकाल क्षेत्र में होटल पर निगम की कार्रवाई से बढ़ा विवाद, फायर अधिकारी से मारपीट के बाद होटल सील!