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उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का शंखनाद: ₹5,017 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की तस्वीर!

नागदा (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र नागदा को शुक्रवार को विकास की दो बड़ी सौगातें मिलीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का भूमिपूजन किया और नागदा केंद्रीय विद्यालय का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, बेहतर शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

98.73 किलोमीटर लंबा हाईवे बदलेगा मालवा की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि मालवा क्षेत्र के विकास का नया मार्ग है। यह परियोजना उज्जैन, रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश, व्यापार और परिवहन को नई गति देगी।

करीब 98.73 किलोमीटर लंबा चार-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे उज्जैन जिले के मंगरोला गांव से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे से जुड़ते हुए रतलाम जिले के जावरा में होटल जोयो के पास समाप्त होगा।

इस सड़क के बनने से यात्रा का समय कम होगा, माल परिवहन तेज होगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा। साथ ही यह मार्ग दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

5,017 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना

यह परियोजना मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के माध्यम से लगभग 5,017 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत एमकेसी इंफ्रा द्वारा किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस हाईवे से कृषि, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुरक्षित होगा।

नागदा को मिला केंद्रीय विद्यालय का तोहफा

हाईवे परियोजना के भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने नागदा में केंद्रीय विद्यालय का भी शुभारंभ किया। प्रथम चरण में कक्षा 1 से 5 तक 200 विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में 40 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 25 प्रतिशत सीटें शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत आरक्षित रहेंगी।

विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 3 अगस्त 2026 से नियमित कक्षाओं का संचालन प्रारंभ होगा।

आधुनिक शिक्षा का नया केंद्र बनेगा विद्यालय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय केवल पढ़ाई का संस्थान नहीं, बल्कि अनुशासन, गुणवत्ता, नवाचार और राष्ट्रीय मूल्यों का केंद्र होता है। इससे विशेष रूप से उन परिवारों के बच्चों को लाभ मिलेगा जिनके अभिभावकों का स्थानांतरण विभिन्न शहरों में होता रहता है।

विद्यालय में आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक तेजबहादुर चौहान, चिंतामणि मालवीय, जितेंद्र पंड्या, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, MPRDC के प्रबंध संचालक भारत यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

परियोजना एक नजर में

  • परियोजना: उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे
  • लंबाई: 98.73 किलोमीटर
  • अनुमानित लागत: ₹5,017 करोड़
  • निर्माण मॉडल: हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)
  • निर्माण एजेंसी: एमकेसी इंफ्रा
  • मुख्य लाभार्थी: उज्जैन एवं रतलाम जिले
  • विशेष लाभ: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव
  • अतिरिक्त फायदा: सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन, उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन को नई गति

विकास की नई दिशा

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे और नागदा केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सरकार का दावा है कि ये दोनों परियोजनाएं आने वाले वर्षों में मालवा अंचल के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा देंगी।