उज्जैन। समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच को चुनौती देते हुए उज्जैन के एक परिवार ने मानवता, संवेदनशीलता और रिश्तों की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। बेटे की असमय मृत्यु के बाद जहां अक्सर विधवा बहू का जीवन कठिनाइयों में घिर जाता है, वहीं आगर रोड क्षेत्र के निवासी दिनेश बैरागी ने अपनी बहू को बेटी का दर्जा देते हुए उसका पुनर्विवाह कराया और स्वयं पिता बनकर उसका कन्यादान किया।
जानकारी के अनुसार, दिनेश बैरागी के छोटे बेटे कपिल बैरागी का विवाह वर्ष 2018 में प्रियंका के साथ हुआ था। शादी के लगभग तीन वर्ष बाद कपिल को पैर का कैंसर हो गया। करीब दो वर्षों तक उनका इलाज चलता रहा, लेकिन 6 जून 2023 को उन्होंने अंतिम सांस ली। पति के निधन के बाद प्रियंका अपने ससुराल में ही रह रही थीं।
बहू के भविष्य को लेकर चिंतित दिनेश बैरागी और उनकी पत्नी कैलाश बाई ने परिवार के अन्य सदस्यों से चर्चा कर प्रियंका के पुनर्विवाह का निर्णय लिया। परिवार की सहमति से प्रियंका का रिश्ता विदिशा निवासी गोविंद से तय किया गया, जो वर्तमान में खंडवा में कार्यरत हैं।
भोपाल के एक रिसॉर्ट में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस भावुक अवसर पर दिनेश बैरागी ने पिता की जिम्मेदारी निभाते हुए स्वयं प्रियंका का कन्यादान किया। विवाह समारोह में करीब 350 मेहमान शामिल हुए और नवदंपति को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी भेंट किया गया। परिवार के अनुसार, पूरे आयोजन पर लगभग 7 लाख रुपये का खर्च आया।
प्रियंका के देवर दीपक बैरागी ने बताया कि परिवार चाहता था कि प्रियंका का जीवन फिर से खुशियों से भर जाए और वह सम्मानपूर्वक नई शुरुआत कर सके। वहीं, प्रियंका के पिता रामबाबू ने भी बैरागी परिवार के इस फैसले की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
इस अवसर पर दिनेश बैरागी ने भावुक शब्दों में कहा, “बहू बनाकर घर लाया था, लेकिन आज बेटी बनाकर विदा कर रहा हूं। बेटी की खुशियों की जिम्मेदारी एक पिता की होती है और मैंने वही जिम्मेदारी निभाई है।”
रिश्तों की मर्यादा, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं की यह अनूठी मिसाल आज उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो अब भी विधवा पुनर्विवाह को संकीर्ण सोच की नजर से देखते हैं। बैरागी परिवार का यह निर्णय समाज को यह संदेश देता है कि रिश्ते केवल परंपराओं से नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और संवेदनशीलता से मजबूत बनते हैं।

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