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उज्जैन में सीवरेज चेंबर बना मौत का कुआं, जहरीली गैस से सफाईकर्मी की मौत

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के पीपली नाका क्षेत्र में मंगलवार को सीवरेज चेंबर की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। करीब 25 फीट गहरे सीवरेज चेंबर में उतरे तीन सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे में एक कर्मचारी की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा कंपनी के अधीन कार्यरत तीन कर्मचारी सरस्वती स्कूल के पास स्थित सीवरेज चेंबर की सफाई के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि कर्मचारियों को गैस मास्क, सेफ्टी बेल्ट, ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना ही चेंबर में उतार दिया गया। सफाई के दौरान तीनों जहरीली गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गए और चेंबर के अंदर गिर पड़े।

हादसे में सफाईकर्मी अशोक मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं गोपाल और रमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल चरक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों कर्मचारियों को चेंबर से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी घटनास्थल पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इस हादसे से बचा जा सकता था। स्थानीय पार्षद हेमंत गहलोत ने भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को देकर रेस्क्यू अभियान शुरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में कंपनी या संबंधित एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सीवरेज और सीवर सफाई कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।