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इंस्टाग्राम पर बिक रहे थे वन्यजीवों के अवशेष, जांच में करोड़ों का लेनदेन सामने आया

उज्जैन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तंत्र-मंत्र और तांत्रिक सिद्धि के नाम पर संरक्षित वन्यजीवों के अवशेषों की अवैध बिक्री का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है कि इस ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए पिछले छह महीनों में करीब 4 करोड़ रुपये के बैंक लेनदेन हुए हैं। मामले के सामने आने के बाद वन्यजीव तस्करी के इस संगठित गिरोह की जांच तेज कर दी गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार इंस्टाग्राम पर कई ऐसे अकाउंट सक्रिय थे, जिनके माध्यम से तंत्र-मंत्र, वशीकरण, तांत्रिक सिद्धि और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर वन्यजीवों के दांत, नाखून, बाल तथा अन्य प्रतिबंधित अवशेष बेचने का दावा किया जा रहा था। इन वस्तुओं को कथित तौर पर चमत्कारी और सिद्धि दिलाने वाला बताकर ऊंची कीमतों पर ग्राहकों को बेचा जाता था।

प्राथमिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्था और अंधविश्वास का सहारा लेकर देशभर के लोगों को अपना ग्राहक बनाया। कई पोस्ट में उज्जैन और भगवान महाकाल का नाम प्रमुखता से इस्तेमाल किया गया, ताकि लोगों का विश्वास आसानी से जीता जा सके। हालांकि जांच में संबंधित महिला संचालक का उज्जैन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं मिला। बैंक खातों की केवाईसी जांच में उसका पता दिल्ली का सामने आया है।

वन विभाग ने पूरे मामले में ग्राहक बनकर डिकॉय ऑपरेशन भी चलाया, जिसके जरिए संदिग्ध अकाउंट और बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आए बैंक रिकॉर्ड के अनुसार पिछले छह महीनों में लगभग 4 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन हुआ है। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हो सकता है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित जीवों के किसी भी अंग या अवशेष की खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा का प्रावधान है।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल भुगतान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ऐसे अन्य नेटवर्क की भी निगरानी की जा रही है।