कोटा के मुकंदरा टाइगर रिजर्व के लिए खुशी की खबर आई है। एमपी के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघिन को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया एमपी से लाई गई बाघिन को शनिवार सुबह 8:30 बजे करीब मुकंदरा रिजर्व के झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर के सॉफ्ट एंक्लोजर में रिलीज किया गया है।
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में मध्य प्रदेश की बाघिन का शनिवार सुबह 8.30 बजे मंगल प्रवेश हो गया। बाघिन को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाया गया। झामरा घाटी स्थित एक हैक्टेयर क्षेत्रफल के सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर में बाघिन को छोड़ा गया। यहां बाघिन के व्यवहार को देखा व परखा जाएगा।
क्षेत्र के माहौल में ढलने के बाद बाघिन को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जाएगा। इंटर स्टेट कॉरिडोर की योजना के तहत प्रदेश में यह दूसरा अवसर है जब अन्य प्रदेश से बाघिन को लाया गया है। इससे पहले रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन को लाया गया था।
मुकुन्दरा तक का ऐसे किया सफर
बाघिन को एक दिन पहले शुक्रवार को दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की जगुआ बीट में सुरक्षित रूप से ट्रंकुलाइज किया गया। रेडियो कॉलर भी लगाया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण कर 4 बजे के करीब बाघिन को सड़क मार्ग से रवाना किया। छत्तरपुरा, झांसी, शिवपुरी होते हुए करीब 16 घंटे का सफर व 700 किलोमीटर की दूरी तय कर बाघिन शनिवार सुबह 8 बजे मुकुन्दरा पहुंची। यहां 8.30 बजे बाघिन को झामरा एनक्लोजर में छोड़ा गया।

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