V India News

Web News Channel

बागेश्वर बाबा विवाद के बीच शुभेंदु अधिकारी का बयान- साधु-संतों का अपमान करने वालों को जेल जाना होगा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने साधु-संतों के अपमान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रविवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित सामूहिक गीता पाठ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि साधु-संतों और महंतों का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। कार्यक्रम में करीब 11 हजार लोगों ने सामूहिक रूप से गीता पाठ किया।

बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने के मामले का किया जिक्र

शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में हाल में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने अपनी धार्मिक मान्यताओं और विचारों के अनुरूप बात कही थी और किसी पर उन्हें थोपने की बात नहीं कही थी।

दरअसल, दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद भवानीपुर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ और उनकी तस्वीर जलाए जाने का मामला सामने आया। इस मामले में कांग्रेस नेता अतनु दास को गिरफ्तार किया गया था।

‘अब डरने की जरूरत नहीं’

गीता पाठ कार्यक्रम में अधिकारी ने कहा कि लोग बिना डर के भगवद्गीता का पाठ करें, हनुमान चालीसा पढ़ें और धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि “समय बदल गया है” और साधु-संतों को लेकर डर का माहौल नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार साधु-संतों और धार्मिक नेताओं के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी।

29 दिसंबर को 10 लाख लोगों के गीता पाठ का ऐलान

अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान 29 दिसंबर को कोलकाता में 10 लाख लोगों के सामूहिक गीता पाठ का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।

‘गौमाता की रक्षा’ को लेकर भी दिया बयान

अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों और परंपराओं को लेकर लोगों को निडर होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने “गौमाता” की रक्षा की बात भी कही और अपने भाषण में “टीका, शिखा, धोती और तुलसी” वाली सरकार का उल्लेख किया।

अपने भाषण के दौरान उन्होंने विपक्ष और कुछ राजनीतिक समूहों पर भी निशाना साधा तथा लोगों से एकजुट और सतर्क रहने की अपील की। इन राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों की अपनी प्रतिक्रियाएं हैं।