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सिंहस्थ की तैयारी, ई-रिक्शा से निकले अफसर!

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शहर के विभिन्न मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सरकारी वाहन और काफिला छोड़कर ई-रिक्शा से सफर किया। अधिकारियों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वीआईपी वाहनों के काफिले से होने वाली परेशानी और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए हल्के और स्थानीय परिवहन साधनों का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है।

अधिकारियों ने गदा पुलिया चौराहा से अंबर कॉलोनी होते हुए हरिफाटक ब्रिज चौराहा तक प्रस्तावित मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की प्रगति देखी। इसके बाद कहारवाड़ी मार्ग, हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग, कहारवाड़ी से गुदरी चौराहा और 24 खंबा माता मंदिर से हरसिद्धि की पाल तक प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान महाकाल चौराहे से खजूर वाली मस्जिद तक संभागायुक्त, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ई-रिक्शा से पहुंचे। संभागायुक्त आशीष सिंह ने ई-रिक्शा चालक के साथ बैठकर मार्ग की स्थिति देखी और गंतव्य पर पहुंचने के बाद किराया भी दिया। इसके बाद अधिकारी खजूर वाली मस्जिद से पिपलीनाका तक पैदल भी चले।

इन मार्गों पर भी देखा प्लान

अधिकारियों ने खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाने के सामने से गौतम मार्ग, नयापुरा होते हुए पिपलीनाका मुख्य मार्ग तक प्रस्तावित चौड़ीकरण की योजना की जानकारी ली। इंजीनियरों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी व्यवस्थाओं और आगामी योजना के बारे में जानकारी ली गई।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा से निरीक्षण का उद्देश्य आम लोगों को वीआईपी काफिले से होने वाली परेशानी से बचाना और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखना है। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थानीय परिवहन साधनों के उपयोग का संदेश देना भी इसका उद्देश्य है।

विभागों में तालमेल के निर्देश

अधिकारियों ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएं। बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने, पेयजल और सीवर लाइन से जुड़े कार्यों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें। निर्माण कार्यों के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और स्थानीय लोगों से संवाद करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त संतोष टैगोर सहित नगर निगम के अधिकारी, इंजीनियर और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।