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MP में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का CM मोहन ने किया शुभारंभ!

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजधानी भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से माता-पिता का दिल जीता है। यही कारण है कि आज शासकीय स्कूलों में नामांकन की दर में लगभग 20 प्रतिशत का उछाल आया है। प्रदेश से डॉप आउट शब्द पूरी तरह विदा हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज लोग निजी स्कूल छोड़ रहे हैं। सांदीपनि और पीएमश्री स्कूलों के रूप में हमने आधुनिक शिक्षा का एक ऐसा मॉडल खड़ा किया है, जिसने निजी स्कूलों की चमक को फीका कर दिया है। इन स्कूलों में भव्य भवन, खेल के मैदान और समृद्ध लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बड़ी संख्या में बच्चे निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति दर 32.4 प्रतिशत तक पहुंचना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। आयोजन में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर भी मौजूद रहे।

बच्चे पढ़-लिखकर संवारें भविष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘स्कूल चले हम’ अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के प्रत्येक गांव का एक-एक बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रदेश में बड़े पैमाने पर शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। इनमें ड्रॉप आउट खत्म करने के लिए शिक्षकों के साथ समाज के हर वर्ग ने संकल्प के साथ मेहनत की है।

हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनें, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 76 हजार 325 शिक्षकों की समय पर नियुक्ति की गई।

बच्चों को बांटीं साइकिलें

प्रवेशोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को साइकिलें बांटीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार लाख बच्चों को निश्शुल्क साइकिलें दी जा रही हैं, ताकि उनकी पढ़ाई में दूरी बाधा न बने। आगामी 3 से 4 महीने तक शासकीय स्कूलों के 4 लाख बच्चों को साइकिलें मिलेंगी। विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क गणवेश, किताबें और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने एक अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें एक बच्चे ने बताया कि उसके घर में अब दो साइकिल और एक स्कूटी हो गई है। इससे पता चलता है कि सरकारी योजनाएं सीधे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं। सरकार ने इस बार बजट में प्रतिभाशाली छात्रों के लैपटॉप के लिए 250 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है।