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उज्जैन में बारिश भी नहीं रोक सकी दशहरा महोत्सव, 101 फीट ऊंचे रावण का हुआ दहन

उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के दशहरा मैदान में विजयादशमी के अवसर पर 63वां स्व. ओम अमरनाथ स्मृति दशहरा महोत्सव उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मंगलवार रात रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मैदान पहुंचे। शाम को मौसम बदलने और रिमझिम बारिश शुरू होने से आयोजन पर असर पड़ने की आशंका थी, लेकिन आयोजकों की तैयारी के चलते महोत्सव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ।

वाटरप्रूफ पुतले से बारिश की चुनौती हुई दूर

शाम के समय आसमान में काले बादल छा गए और हल्की बारिश शुरू हो गई। इससे आयोजकों की चिंता बढ़ गई थी। पिछले वर्ष भी बारिश के कारण रावण दहन में परेशानी आई थी। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार पुतले को वाटरप्रूफ बनाया गया था। बारिश के बावजूद तैयारियां प्रभावित नहीं हुईं और रात करीब आठ बजे रावण दहन किया गया।

राम, लक्ष्मण और हनुमानजी की सवारी पहुंची

महोत्सव में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमानजी की सवारी मैदान पहुंची। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ऑनलाइन संबोधन के जरिए उज्जैनवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं थे।

आतिशबाजी और रावण के संवाद रहे आकर्षण

रावण दहन से पहले पुतले के संवादों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। रावण का पुतला रामलखन सिंह कहार ने तैयार किया था, जबकि आतिशबाजी की व्यवस्था देवास के रशीद खान और ग्वालियर के सीताराम ने संभाली। आतिशबाजी के बीच रावण के पुतले का दहन होते ही मैदान जयकारों से गूंज उठा।

इस बार आयोजन समिति ने रावण के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश देने की पहल भी की। दशहरा मैदान के अलावा शहर के अन्य स्थानों पर भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन 101 फीट ऊंचे पुतले का मुख्य आयोजन शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।