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उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन बाजार बंद, व्यापारियों का आमरण अनशन शुरू

उज्जैन। महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन में विरोध तेज हो गया है। शनिवार रात करीब एक बजे प्रशासन की ओर से की गई मार्किंग के बाद व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों में नाराजगी बढ़ गई। इसके विरोध में व्यापारी-रहवासी महासंघ ने सोमवार से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बाजार बंद और आमरण अनशन शुरू कर दिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर वे राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगेंगे।

बताया जा रहा है कि प्रशासन इस मार्ग को मौजूदा 40 फीट से बढ़ाकर 65 फीट चौड़ा करने की योजना बना रहा है। व्यापारियों का दावा है कि प्रस्तावित चौड़ीकरण की जद में करीब 500 दुकानें आ रही हैं। उनका कहना है कि इनमें से लगभग 70 प्रतिशत दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की आशंका है।

आधी रात को मार्किंग से बढ़ी नाराजगी

व्यापारी जीतेश नीमा सहित अन्य व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। ऐसे में रात के समय अचानक मार्किंग किए जाने से व्यापारियों का भरोसा टूटा है।

व्यापारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बजाय अतिक्रमण हटाकर और यातायात व्यवस्था में सुधार करके भी आवागमन सुगम बनाया जा सकता है। उनका तर्क है कि प्रस्तावित योजना से स्थानीय कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा और कई परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

पहले भी कारोबार बंद रहने से हुआ नुकसान

व्यापारियों के मुताबिक, शाही मस्जिद से जुड़े मामले के कारण उन्हें पहले ही करीब एक सप्ताह तक कारोबार बंद रहने से नुकसान उठाना पड़ा था। अब सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

व्यापारियों का कहना है कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद और विधायक को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के विरोध में उन्होंने बाजार बंद कर अनशन शुरू किया है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो राष्ट्रपति से करेंगे अपील

व्यापारी-रहवासी महासंघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने के लिए अपील करेंगे।

फिलहाल सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन और व्यापारियों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन बातचीत के जरिए कोई समाधान निकालता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।