V India News

Web News Channel

बालाघाट में गर्भवती महिला से दुर्व्यवहार के मामले में बड़ी कार्रवाई, 4 पुलिसकर्मियों पर FIR

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र में एक गर्भवती महिला और उसके पति के साथ कथित दुर्व्यवहार, अवैध हिरासत और महिला की सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका दोषपूर्ण पाए जाने के बाद चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

वहीं, इसी मामले को लेकर किरनापुर थाने में हुए उपद्रव, पथराव और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे सहित 63 नामजद लोगों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 26 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है।

2 सितंबर को घर में दबिश के बाद शुरू हुआ मामला

जानकारी के मुताबिक, 2 सितंबर को किरनापुर पुलिस ने टिमकीटोला गांव निवासी कैलाश चौधरी के घर पर दबिश दी थी। पुलिस ने कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी सावित्री चौधरी को पोस्ट ऑफिस में चोरी के आरोप में हिरासत में लिया था।

परिजनों की शिकायत के अनुसार, उस समय सावित्री चौधरी करीब दो महीने की गर्भवती थीं। आरोप लगाया गया कि थाने में उनके साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, जबकि कैलाश चौधरी को फांसी की धमकी देकर अपराध कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया।

गर्भवती पत्नी को चारपाई पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे पति

पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद 7 सितंबर को कैलाश चौधरी अपनी पत्नी सावित्री को चारपाई पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने शिकायत रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया।

डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में SIT ने मामले की जांच की और 22 सितंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी। रिपोर्ट में चार पुलिसकर्मियों की भूमिका को दोषपूर्ण पाया गया।

महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार करने का मामला

SIT की जांच में सामने आया कि महिला को पर्याप्त विधिक आधार के बिना थाने में बैठाकर रखा गया था और इस संबंध में रोजनामचा में भी आवश्यक विवरण दर्ज नहीं किया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि ऐसी कोई असाधारण परिस्थिति सामने नहीं आई, जिसके आधार पर रात के समय महिला की गिरफ्तारी आवश्यक मानी जा सके।

SIT के अनुसार, महिला के खिलाफ कार्रवाई उसके देवर दीपक चौधरी के कथित इकबालिया साक्ष्य के आधार पर की गई थी। जांच दल ने इसे विवेचना की गंभीर कमी माना।

इन चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस

SIT की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन किरनापुर थाना प्रभारी SI दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल राजपूत और महिला आरक्षक मेघा टेकाम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

थाने के घेराव और पथराव के मामले में भी कार्रवाई

महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मरार माली समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया था। 15 सितंबर को बड़ी संख्या में लोगों ने किरनापुर थाने का घेराव किया।

आरोप है कि इस दौरान थाने पर पथराव और तोड़फोड़ की गई तथा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

इस मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे सहित 63 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि पुलिस के अनुसार 26 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है।