मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास धान से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। ट्रक सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से जा टकराया। इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी हैं।
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बैरिकेड तोड़कर आगे निकला ट्रक, मंदिर की दीवार ढही
जानकारी के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। इसी दौरान चीनौर की तरफ से धान से भरा ट्रक आया। सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे, लेकिन ट्रक बैरिकेड तोड़कर आगे निकल गया।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, सड़क पर तेज ढलान होने के कारण ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। ट्रक ढलान से नीचे उतरते हुए श्रद्धालुओं और दुकानों को अपनी चपेट में लेता चला गया। इसके बाद वह मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की बाहरी दीवार ढह गई।
हादसे के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की टीमों के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। मौके पर पहुंची एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
चश्मदीद ने बताया- अचानक आया ट्रक, लोगों को कुचलता चला गया
हादसे के एक चश्मदीद ने बताया कि घटना रात करीब एक बजे हुई। उसके मुताबिक, ट्रक अचानक तेज रफ्तार में आया और रास्ते में मौजूद लोगों तथा दुकानों को कुचलता चला गया। प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी बताया कि ट्रक में काफी सामान भरा हुआ था।
चश्मदीद का भाई भी हादसे में घायल हुआ है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने परिजनों को तलाशने, घायलों की मदद करने और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। हादसे की भयावहता से वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, आरटीओ करेगी ट्रक की जांच
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान संबंधित मार्ग पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट लगाया गया था। इसके बावजूद ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और बैरिकेड तोड़कर आगे कैसे निकला, इसकी जांच की जा रही है।
ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी लगाया गया है। टीम वाहन की मशीनों और तकनीकी स्थिति की जांच करेगी। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और वाहन लगातार बाईं तरफ क्यों मुड़ता चला गया।
पुलिस और प्रशासन हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के कारणों और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी
कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, अस्पतालों में भर्ती घायलों के उपचार पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। डॉक्टर घायलों की स्थिति के अनुसार सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच कर रहे हैं, ताकि चोटों की गंभीरता का पता लगाकर उचित इलाज दिया जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने नवरात्रि के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ की सुरक्षा और प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस दुर्घटना की जांच में जुटी है।

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