उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया ने अपने जन्मदिन को सेवा और जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाते हुए 90 दिव्यांगजनों को 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सहायक उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहन वितरित किए। चिंतामन रोड पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि तथा संत-महात्मा मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, सामान्य ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र (हियरिंग एड), वॉकिंग स्टिक, सिलिकॉन फोम कुशन और स्टूल चेयर विद कमोड जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की दैनिक जिंदगी को अधिक सुविधाजनक बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।
तीन वर्षों से जारी है सेवा का अभियान
यह पहली बार नहीं है जब सांसद अनिल फिरोजिया ने अपने जन्मदिन को जनसेवा के रूप में मनाया हो। पिछले तीन वर्षों से वे लगातार अपने जन्मदिन पर दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों के लिए इस तरह के सेवा कार्य आयोजित कर रहे हैं। इस पहल को क्षेत्र में सामाजिक सरोकार से जुड़ी एक प्रेरणादायक परंपरा के रूप में देखा जा रहा है।
संत-महात्माओं ने दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई महामंडलेश्वर, संत और महंत विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सांसद फिरोजिया के इस सेवाभावी प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने सांसद का पुष्पमालाओं से स्वागत कर जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
‘दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाना ही सबसे बड़ा उपहार’
इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि उनके लिए जन्मदिन मनाने का सबसे अच्छा तरीका जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा,
“जन्मदिन पर इससे बड़ा सुख और कुछ नहीं हो सकता कि हम दिव्यांग भाइयों-बहनों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग करें। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और अन्य सहायक उपकरण उनके रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन को आसान बनाएंगे। हमारा उद्देश्य उन्हें सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना है।”
आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम
कार्यक्रम में वितरित किए गए सहायक उपकरण न केवल दिव्यांगजनों की शारीरिक जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि उन्हें रोजगार, शिक्षा और सामाजिक जीवन में अधिक सक्रिय भागीदारी का अवसर भी देंगे। आयोजकों ने इसे सामाजिक समावेशन और दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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